“जब उद्धव ठाकरे ने अजित पवार पर छुरा घोंपा…”, चर्चा में देवेन्द्र फडणवीस का बयान!
देवेन्द्र फडणवीस ने दोहराया है कि 2019 में उद्धव ठाकरे ने उनकी पीठ में छुरा घोंपा था। इसमें इस बात का भी जवाब दिया गया है कि अजित पवार को क्यों चुना गया| 16 जुलाई को होने वाले 'खुपटे देयर गुप्ते' कार्यक्रम में देवेन्द्र फडणवीस शामिल होंगे| देवेंद्र फड़णवीस ने कहा है कि एक सवाल का जवाब देते समय उद्धव ठाकरे ने उनकी पीठ में छुरा घोंपा था|
पिछले चार सालों में महाराष्ट्र की राजनीति और उसके बाद के राजनीतिक घटनाक्रम में उथल-पुथल मची हुई है। देवेन्द्र फडणवीस का एक बयान चर्चा में आ गया है| देवेन्द्र फडणवीस ने दोहराया है कि 2019 में उद्धव ठाकरे ने उनकी पीठ में छुरा घोंपा था। इसमें इस बात का भी जवाब दिया गया है कि अजित पवार को क्यों चुना गया| 16 जुलाई को होने वाले ‘खुपटे देयर गुप्ते’ कार्यक्रम में देवेन्द्र फडणवीस शामिल होंगे| देवेंद्र फड़णवीस ने कहा है कि एक सवाल का जवाब देते एक समय उद्धव ठाकरे ने उनकी पीठ में छुरा घोंपा था|
क्या बोले देवेन्द्र फड़णवीस?: “जब उद्धव ठाकरे आपकी पीठ में छुरा घोंपेंगे तो आपको अजित पवार के साथ शपथ लेनी होगी।” इस कार्यक्रम में देवेन्द्र फडणवीस ने ऐसा बयान दिया है| 16 जुलाई को देवेंद्र फडणवीस का एक इंटरव्यू भी जारी किया जाएगा| इस साक्षात्कार का एक अंश पोस्ट किया गया है| देवेन्द्र फडणवीस ने कहा है कि उद्धव ठाकरे ने उनकी पीठ में छुरा घोंपा है| उनका ये बयान चर्चा में है|
2019 में क्या हुआ?: 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा को 105 सीटें और शिवसेना को 54 सीटें मिलीं| लोगों ने महायुति को वोट दिया, लेकिन ढाई साल तक मुख्यमंत्री पद साझा करने के बाद दोनों पार्टियों के बीच विवाद शुरू हो गया| यह गठबंधन टूटने के बाद ही ख़त्म हुआ| उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस, एनसीपी के साथ जाने की तैयारी दिखाई थी| 23 नवंबर 2019 को उस समय देवेन्द्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री और अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। लेकिन ये सरकार 80 घंटे तक चली और गिर गयी| इसके बाद राज्य में महा विकास अघाड़ी का गठन हुआ और उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बने|
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार 29 जून, 2022 तक चली। लेकिन उससे आठ दिन पहले यानी 21 जून 2022 को एकनाथ शिंदे ने बगावत कर दी और उद्धव ठाकरे को चुनौती दे दी| सरकार अल्पमत में होने के कारण उद्धव ठाकरे ने इस्तीफा दे दिया, जबकि एकनाथ शिंदे 30 जून 2022 को राज्य के मुख्यमंत्री बने और देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री बने। 2 जुलाई 2023 को अजित पवार भी सत्ता में आ गए| ये सभी विकास पिछले तीन से चार वर्षों में हुए हैं। इस पर देवेन्द्र फडणवीस ने भी विस्तार से टिप्पणी की है|