भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जारी रिलीज के अनुसार, एडम 12-14 मई तक भारत में होंगी। वो मंगलवार शाम 5 बजकर 20 मिनट पर इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर पहुंचेंगी।
बुधवार शाम 4 बजे हैदराबाद हाउस में उनकी विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात होगी। इसके बाद इसी दिन यानी 13 मई को वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ वाणिज्य भवन में अहम बैठक होगी।
मालदीव के विदेश मंत्रालय ने भी इसे लेकर एक बयान जारी किया है। जिसके मुताबिक पदभार संभालने के बाद यह उनकी पहली आधिकारिक यात्रा है। उन्हें भारत आने का न्योता विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दिया था। यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाना है।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस दौरे के दौरान, इरुथिशाम जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगी, जिससे मंत्रियों को द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग की समीक्षा करने और आपसी हितों के खास मुद्दों पर चर्चा करने का मौका मिलेगा।
इरुथिशम के साथ विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव डॉ. इब्राहिम जुहुरी और सहायक निदेशक अमीनाथ गुरैशा भी आएंगे। मालदीव भारत को अपना सबसे करीबी सहयोगी मानता है। दोनों देश मजबूत सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक रिश्तों से जुड़े हैं।
2024 में शुरुआती तनाव के बाद मालदीव ने अपने रिश्तों को सहज बनाने की पूरी कोशिश की है। राष्ट्रपति मुइज्जू प्रशासन ने भारत के साथ द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। मुइज्जू दो बार भारत के आधिकारिक दौरे पर गए हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मालदीव के स्वतंत्रता दिवस समारोह में 2025 में भाग लिया था।
हाल ही में विदेश मंत्री बनीं इरुथिशम को लंबा राजनयिक अनुभव है। इससे पहले वो यूनाइटेड किंगडम में मालदीव की उच्चायुक्त रह चुकी हैं।
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