छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव पर तीखा हमला बोला है। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की तस्वीर को लेकर उठे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए डिप्टी सीएम ने कहा, “बाबा साहेब अंबेडकर हमारे संविधान के निर्माता हैं, भारत रत्न हैं, उन्हें सम्मान देना हमारी जिम्मेदारी है। लालू प्रसाद यादव को उनकी प्रतिष्ठा का ख्याल रखना चाहिए था।”
11 जून को लालू प्रसाद यादव के जन्मदिन के मौके पर पार्टी कार्यकर्ता उपहार लेकर पहुंचे थे। इसी दौरान वायरल हुए एक वीडियो और तस्वीर में देखा गया कि बाबा साहेब की तस्वीर लालू यादव के चरणों में रखी गई। इस पर भाजपा और अन्य दलों ने कड़ी आपत्ति जताई। भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने वीडियो साझा करते हुए लिखा, “राजद नेताओं ने बाबा साहेब की तस्वीर लालू यादव के पैरों में रख दी और उन्होंने उसे उठाना भी जरूरी नहीं समझा।” इस बयान ने पूरे राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया।
लालू प्रसाद यादव, जो दशकों से खुद को सामाजिक न्याय का पुरोधा बताते हैं, उन्होंने बाबा साहेब अंबेडकर का घोर अपमान किया है।
उनके जन्मदिन पर, बाबा साहेब की तस्वीर उनके चरणों में रखी गई — और लालू यादव ने न तो उसे उठाया, न सम्मान दिया, और न ही छूना तक ज़रूरी समझा।
खुद को सामाजिक… pic.twitter.com/vYrYmBSuSt
— Amit Malviya (@amitmalviya) June 14, 2025
मीडिया से बातचीत में अरुण साव ने कहा, “लालू यादव को एक जिम्मेदार नेता के नाते, बाबा साहेब अंबेडकर जैसी महान विभूति की प्रतिष्ठा का ध्यान रखना चाहिए था। ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसे दृश्य सामने आए।”
उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। सुकमा में कांग्रेस कार्यालय को ईडी द्वारा सील किए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “कांग्रेस के पास एक ही एजेंडा है— ईडी की हर कार्रवाई को राजनीति प्रेरित बताना। लेकिन सच्चाई ये है कि छत्तीसगढ़ में ₹2000 करोड़ से अधिक का शराब घोटाला हुआ है, और ईडी उसी की जांच कर रही है।”
रायगढ़ में हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों को पहले नोटिस दिया गया। जब उन्होंने संज्ञान नहीं लिया, तो प्रशासन ने कार्रवाई की। “अतिक्रमण आम जनता के लिए परेशानी का कारण बनता है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी,” उन्होंने स्पष्ट किया।
राज्य में शिक्षा को लेकर सरकार के प्रयासों की जानकारी देते हुए साव ने बताया कि, “16 जून से शाला प्रवेश उत्सव की शुरुआत की जा रही है। इसका उद्देश्य राज्य में सभी बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना और शिक्षा को मजबूत करना है।” उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार के लिए प्रतिबद्ध है।
बाबा साहेब की तस्वीर को लेकर उत्पन्न विवाद अब केवल राजनीतिक बहस नहीं, बल्कि समाज के सम्मान से जुड़ा मामला बन चुका है। जहां भाजपा इसे अंबेडकर के अपमान के तौर पर देख रही है, वहीं राजद की तरफ से अभी तक कोई स्पष्ट स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। अरुण साव के बयानों से यह साफ हो गया है कि भाजपा इस मुद्दे को लेकर चुप नहीं बैठेगी। साथ ही, ईडी की कार्रवाई, अतिक्रमण विरोध और शिक्षा सुधार जैसे मुद्दों पर सरकार आक्रामक रणनीति के तहत आगे बढ़ रही है।
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