28.5 C
Mumbai
Friday, July 24, 2026
होमदेश दुनियानितिन राज आत्महत्या मामले में हाईकोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाई!

नितिन राज आत्महत्या मामले में हाईकोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाई!

नितिन राज के परिवार की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस ए. बदरुद्दीन ने कहा कि ऐसा लगता है कि पुलिस की तरफ से साजिश रची गई थी।

Google News Follow

Related

केरल हाईकोर्ट ने बुधवार को अंजारकंडी डेंटल कॉलेज के छात्र आरएल नितिन राज की मौत की जांच के तरीके को लेकर पुलिस और राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की। कोर्ट ने कहा कि मुख्य आरोपी डॉ. एमके राम की गिरफ्तारी में प्रक्रिया से जुड़ी गंभीर खामियों की वजह से उसे जमानत मिल गई और इससे मिलीभगत का शक भी पैदा हुआ।

नितिन राज के परिवार की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस ए. बदरुद्दीन ने कहा कि ऐसा लगता है कि पुलिस की तरफ से साजिश रची गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सीनियर अधिकारियों ने आरोपी को बचाने के लिए काम किया था।

कोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है कि पुलिस ने आरोपी के दबाव में काम किया और आदेश दिया कि गिरफ्तारी के दौरान हुए ड्रामा के लिए जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

केरल हाईकोर्ट ने सवाल किया कि क्या पुलिस ने जानबूझकर ऐसे हालात बनाए जिससे आरोपी आसानी से छूट गया।कोर्ट ने पूछा कि क्या पैसा न्याय से ज्यादा ताकतवर हो गया है? क्या पुलिस का काम अमीरों को बचाते हुए आम लोगों को परेशान करना है।

कोर्ट ने कहा कि अब जनता साफ तौर पर समझ गई है कि पुलिस किसके पक्ष में है। कोर्ट ने यह भी कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था और आपराधिक न्याय प्रणाली फेल हो गई है और सिर्फ जांच टीम बदलने से सरकार की जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाएगी।

ये कड़ी टिप्पणियां थलासेरी प्रिंसिपल सेशंस कोर्ट के पहले के आदेश के बाद आईं, जिसमें कहा गया था कि पुलिस सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय गिरफ्तारी की जरूरी प्रक्रियाओं का पालन करने में नाकाम रही।

सेशंस कोर्ट ने कहा कि रिमांड की मंजूरी देने से पहले स्पेशल जज को यह पक्का कर लेना चाहिए कि सभी कानूनी औपचारिकताओं का पालन किया गया है।

चूंकि गिरफ्तारी मेमो में सिर्फ यह लिखा था कि आरोपी ने गंभीर अपराध किया है और सुप्रीम कोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है और कानून के मुताबिक गिरफ्तारी के खास कारण नहीं बताए गए थे, इसलिए कोर्ट ने गिरफ्तारी को गैरकानूनी घोषित कर दिया और डॉ. राम को जमानत दे दी।

हाईकोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि जांच रिपोर्ट और केस डायरी की गोपनीय जानकारी बचाव पक्ष तक कैसे पहुंची, जिससे पुलिस के अंदर से ही जानकारी लीक होने की संभावना का पता चलता है।

कोर्ट ने डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस की अगुवाई में हुई जांच की भी आलोचना की और कहा कि इतने बड़े मामले में ऐसी बुनियादी गलतियां मंजूर नहीं हैं। हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने कहा कि सरकार ने इन घटनाओं को गंभीरता से लिया है।

उन्होंने कहा कि सरकार मामले पर नजर रखे हुए है और राज्य पुलिस प्रमुख को निर्देश दिए गए हैं कि वे कोर्ट द्वारा बताई गई कमियों को दूर करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएं। इस बीच, अभियोजन पक्ष ने डॉ. एमके राम को फिर से गिरफ्तार करने की मंजूरी के लिए जिला सेशंस कोर्ट में अर्जी दी है। इस मामले की सुनवाई गुरुवार को होनी है।

यह भी पढ़ें-

रांची: कांग्रेस कार्यालय घेरने पहुंचे भाजयुमो कार्यकर्ता, पुलिस से झड़प!

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

150,990फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
322,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें