वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट और लघु व कुटीर उद्योगों की ताकत का एहसास प्रदेश ने कोरोना के दौर में किया। कोरोना के दौरान करीब 40 लाख मजदूर प्रदेश वापस लौटे। ओडीओपी व एमएसएमई की मदद से उन्हें रोजगार उपलब्ध करवाया गया। आज यूपी यूपी पंजीकृत इकाइयों को पांच लाख बीमा कवर देने वाला देश का पहला राज्य है।
आज लोकल स्तर की इकाइयां लोगों को रोजगार दे रही हैं। यहीं आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश है। जिससे विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की नींव पड़ेगी। हमने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना की शुरुआत की। हमने हर युवा को ट्रेनिंग दी और सस्ते में लोन दिया। सीएम युवा उद्यमी योजना से कोई भी युवा अपने को उद्यमी के रूप में स्थापित कर सकता है। यह सब परिवर्तन बीते आठ वर्षों में हुए।
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में युवाओं को सरकारी नौकरी भी दी जा रही है। हमने पुलिस ने 2.19 लाख भर्तियां की। 1.56 लाख शिक्षकों की भर्ती की और सभी विभागों को जोड़ लें तो 8.5 लाख लोगों को सरकारी नौकरियां दीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रम मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि यूपी में आजादी के बाद 2017 तक जितने कारखाने रजिस्टर नहीं हुए उससे कहीं ज्यादा 2017 के बाद सीएम योगी के शासनकाल में पंजीकृत हुए हैं। उन्होंने कहा कि योगी सरकार युवाओं को रोजगार देने के लिए संकल्पित है।
महाकुंभ में देश की बहुचर्चित कंपनियों में करीब 50 हजार युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य है। आठवीं पास से परास्नातक और डिप्लोमा इंजीनियरिंग तक की शैक्षिक योग्यता रखने वाले युवा इस अवसर का लाभ ले सकते हैं।
सेवायोजन विभाग की निदेशक नेहा प्रकाश ने बताया कि देश-विदेश की 100 से अधिक नामी कंपनियों के प्रतिनिधि इसमें हिस्सा लेंगे। रोजगार महाकुंभ में तीन मंचों के माध्यम से युवाओं को उनकी योग्यतानुसार, शहर व प्रदेश के साथ ही विदेशों में भी रोजगार के अवसर मिलेंगे।
रोजगार कॉन्क्लेव में विशेषज्ञों के साथ युवाओं की सीधी बातचीत होगी। कंपनियां ऑन-स्पॉट इंटरव्यू और प्लेसमेंट ड्राइव करेंगी। प्रदर्शनी के माध्यम से युवाओं को प्रदेश की प्रगति, नई औद्योगिक नीतियों और कौशल विकास मॉडल की झलक मिलेगी।
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