T20 विश्व कप 2026 को लेकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की ओर से दिए जा रहे बहिष्कार के संकेत अब खुद पाकिस्तान के लिए भारी पड़ सकते हैं। अगर पाकिस्तान भारत और श्रीलंका में होने वाले आगामी टी20 वर्ल्ड कप से हटने का फैसला करता है, तो इससे उसे करीब 317 करोड़ रुपये (लगभग 34.5 मिलियन डॉलर) का सीधा आर्थिक नुकसान हो सकता है। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि जिस बांग्लादेश के समर्थन में पाकिस्तान ने यह सख्त रुख अपनाया, वही टीम अंततः पाकिस्तान की जगह टूर्नामेंट में शामिल हो सकती है।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने हाल के महीनों में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) का समर्थन किया था, जो अपने टी20 वर्ल्ड कप मैच भारत से हटाकर श्रीलंका में कराने की मांग कर रहा था। PCB ने इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) को पत्र भी लिखा और मीडिया में यह संकेत दिया कि अगर बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर किया गया तो पाकिस्तान भी बहिष्कार पर विचार कर सकता है। हालांकि, इन तमाम कोशिशों के बावजूद ICC ने बांग्लादेश को ग्रुप से हटाकर उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया।
अब पाकिस्तान के भीतर ही इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि PCB अपने बहिष्कार की धमकी को वास्तव में अंजाम दे सकता है। पाकिस्तान के जियो न्यूज़ के अनुसार, एक सरकारी सूत्र ने कहा, “अंतिम फैसला प्रधानमंत्री के हाथ में है, लेकिन शुरुआती संकेत यही हैं कि सरकार पाकिस्तान को टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दे सकती। यह सिर्फ क्रिकेट का मुद्दा नहीं है, बल्कि सिद्धांतों का सवाल है।” उसी सूत्र ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय खेलों में दोहरे मानदंड नहीं होने चाहिए और ICC की नीतियां चयनात्मक हैं।
हालांकि, इस भावनात्मक और राजनीतिक रुख के पीछे एक बड़ा आर्थिक खतरा छिपा है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप से हटता है तो ICC उस पर कड़े प्रतिबंध लगा सकता है। इनमें द्विपक्षीय सीरीज पर रोक, पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) के लिए विदेशी खिलाड़ियों को एनओसी न देना और एशिया कप से प्रतिबंध जैसे कदम शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा, पाकिस्तान को ICC से मिलने वाला वार्षिक राजस्व हिस्सा भी रोका जा सकता है, जिसकी राशि लगभग 317 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
गौरतलब है कि PCB पहले ही ICC टूर्नामेंट पार्टिसिपेशन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर कर चुका है, जिससे वह कानूनी रूप से टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए बाध्य है। ऐसे में बहिष्कार न सिर्फ राजनीतिक बल्कि कानूनी और आर्थिक रूप से भी पाकिस्तान क्रिकेट के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है।
इस पूरे विवाद में बांग्लादेश की भूमिका अब एक बार फिर चर्चा में है। अगर पाकिस्तान T20 वर्ल्ड कप से हटता है, तो ICC को उसकी जगह किसी दूसरी टीम को शामिल करना होगा। नियमों के अनुसार, यह मौका अगली सर्वोच्च रैंक वाली टीम को मिलेगा, और वर्तमान में वह टीम बांग्लादेश है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ICC बांग्लादेश को ग्रुप ए में शामिल कर सकता है और उसके सभी मैच श्रीलंका में कराए जा सकते हैं, जैसा कि उसने पहले मांग की थी।
यानी, जिस बांग्लादेश के समर्थन में पाकिस्तान ने ICC से टकराव का रास्ता चुना, वही बांग्लादेश अंततः पाकिस्तान की जगह T20 वर्ल्ड कप खेल सकता है। इस स्थिति में नुकसान पाकिस्तान का होगा और फायदा उसी टीम को मिलेगा, जिसके लिए यह पूरा विवाद खड़ा हुआ।



