चीन के दक्षिणी हिस्से में स्थित गुआंग्शी झुआंग स्वायत्त क्षेत्र में सोमवार (18 मई)तड़के आए 5.3 तीव्रता के भूकंप ने भारी दहशत और नुकसान पैदा कर दिया। चीनी सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ और सरकारी प्रसारक CCTV के अनुसार, इस भूकंप में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति अब भी लापता बताया जा रहा है। अधिकारियों ने पुष्टि की कि मृतकों के शव घटनास्थल से बरामद किए गए।
भूकंप के बाद चार लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि उन्हें चोटें आई हैं, लेकिन किसी की हालत गंभीर नहीं बताई गई है। प्रशासन के अनुसार, प्रभावित क्षेत्र में कम से कम 13 इमारतें ढह गईं, जिसके बाद एहतियातन लिउझोउ शहर से 7,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
चीन अर्थक्वेक नेटवर्क्स सेंटर (CENC) के मुताबिक, भूकंप स्थानीय समयानुसार रात 12:21 बजे आया। इसका केंद्र गुआंग्शी क्षेत्र में था और इसकी गहराई जमीन से लगभग 8 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई। कम गहराई के कारण झटके अधिक तीव्र महसूस किए गए और कई इलाकों में लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में बचावकर्मियों को रातभर मलबे में फंसे लोगों की तलाश करते देखा गया। कई इमारतों के ढहने के दृश्य भी सामने आए हैं। राहत और बचाव कार्य सोमवार सुबह तक लगातार जारी रहा। अधिकारियों ने बताया कि 51 फायर एवं रेस्क्यू वाहनों को अभियान में लगाया गया है, जबकि 300 से अधिक कर्मी राहत कार्य में जुटे हुए हैं।
प्रशासन ने यह भी कहा कि संचार व्यवस्था, बिजली आपूर्ति, पानी और गैस सेवाएं सामान्य रूप से काम कर रही हैं। हालांकि रेलवे ट्रैक और अन्य परिवहन ढांचे की मजबूती की जांच की जा रही है, जिसके चलते कुछ क्षेत्रों में यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, लिउझोउ क्षेत्र हाल के वर्षों में आए भूकंपों की तुलना में इस बार सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। यह शहर लियू नदी के किनारे स्थित है और दक्षिणी चीन के विशिष्ट चूना-पत्थर पहाड़ी भूभाग से घिरा हुआ है।
गौरतलब है कि जनवरी पिछले वर्ष भी चीन द्वारा कब्जाए तिब्बत क्षेत्र के निकट हिमालयी तलहटी में 7.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था। उस भूकंप में कम से कम 126 लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों मकान नष्ट हो गए थे। उसके झटके नेपाल, भूटान और भारत तक महसूस किए गए थे।
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