दिल्ली के लाल किले क्षेत्र में हुए भीषण कार ब्लास्ट की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक और अहम गिरफ्तारी की है। एजेंसी ने बारामुला (जम्मू-कश्मीर) के रहने वाला डॉ. बिलाल नसीर मल्ला को 9 दिसंबर को गिरफ्तार किया। वह मामले दिल्ली के लाल किले के करीब बम ब्लास्ट में गिरफ्तार किया गया 8वां आरोपी है। एनआईए की टीम ने उसे दिल्ली से पकड़ा।
जांच एजेंसियों के अनुसार, सामने आया है कि डॉ. बिलाल इस आतंकी साजिश का हिस्सा था, जिसमें डॉ. उमर उन नबी और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े ‘व्हाइट कॉलर’ आतंकी मॉड्यूल के सदस्य शामिल था। लाल किला क्षेत्र में हुआ यह हमला दर्जन भर लोगों की जान ले गया था, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। एनआईए के अनुसार, बिलाल ने उमर उन नबी को लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया, उसे जानबूझकर पनाह दी और हमले से जुड़े सबूत नष्ट करने में भी मदद की।
एनआईए ने कहा कि वह इस घातक आतंकी हमले की गहरी साजिश को उजागर करने के लिए केंद्र और राज्यों की विभिन्न एजेंसियों के साथ मिलकर जांच जारी रखे हुए है। एजेंसी का मानना है कि मॉड्यूल में कई परतें हैं, जिन्हें जोड़कर पूरी साजिश का खुलासा किया जा रहा है।
गिरफ्तारी के बाद डॉ. बिलाल नसीर को दिल्ली में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंजु बजाज चांदना की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे सात दिन की एनआईए कस्टडी में भेज दिया गया। इसी मामले के एक अन्य आरोपी अमीर राशिद अली की हिरासत भी अदालत ने सात दिन के लिए बढ़ा दी।
इससे पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा पुलिस के साथ मिलकर इस व्हाइट कॉलर आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश किया था, जिसमें कश्मीरी डॉक्टर, JeM की महिला विंग की इंडिया हेड, और अन्य लोग शामिल थे। जांच के दौरान फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी तक कड़ियाँ पहुँचीं, जहाँ से करीब 2,900 किलो विस्फोटक मिलने का खुलासा हुआ था। एनआईए की यह ताज़ा कार्रवाई इस बात का संकेत है कि एजेंसी अब पूरी मॉड्यूल को ध्वस्त करने और साजिश में शामिल हर व्यक्ति तक पहुँचने पर केंद्रित है।
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