अमेरिकी राजधानी वॉशिंगटन डीसी में दो इस्राइली राजनयिकों की नृशंस हत्या के बाद इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस घटना को “ठंडे खून से की गई आतंकी हत्या” बताया है और इसे यहूदियों के खिलाफ घृणा से प्रेरित बताया है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (पूर्व) और अमेरिका की जनता को समर्थन देने के लिए धन्यवाद दिया।
यह दिल दहला देने वाली घटना वॉशिंगटन के कैपिटल ज्यूइश म्यूज़ियम के बाहर रात करीब 9:15 बजे उस समय हुई जब इस्राइली राजनयिक यारोन लिशिंस्की और सारा मिलग्राम एक कार्यक्रम के बाद बाहर निकल रहे थे। यह स्थान एफबीआई के कार्यालय के पास स्थित है। ANI की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों राजनयिकों को गोलियों से भून दिया गया।
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए वीडियो संदेश में कहा, “कल रात वॉशिंगटन में कुछ भयानक हुआ। एक बर्बर आतंकवादी ने ठंडे खून से एक खूबसूरत युवा जोड़े को गोली मार दी — यारोन लिशिंस्की और सारा मिलग्राम। यारोन ने सारा के लिए सगाई की अंगूठी खरीदी थी। वह अगले हफ्ते यरुशलम में उसे प्रस्ताव देने वाला था। वे एक नया जीवन शुरू करने वाले थे। लेकिन यह सपना अधूरा रह गया।” नेतन्याहू ने आगे कहा कि यह कोई सामान्य अपराध नहीं था, बल्कि एक घृणा अपराध था। “आतंकी का मकसद सिर्फ एक था — यहूदियों की हत्या करना।”
नेतन्याहू ने इस मौके पर गाज़ा में बंधकों की रिहाई की जरूरत पर भी बल दिया और कहा कि “मैं एक अस्थायी युद्धविराम के लिए तैयार हूं, ताकि और लोगों को छुड़ाया जा सके। लेकिन हम यह मांग करते हैं, और हर सभ्य देश को यह मांग करनी चाहिए, कि सभी इस्राइली बंधकों को तुरंत रिहा किया जाए।”
उन्होंने गाज़ा में मानवीय सहायता को लेकर चल रहे आरोपों को भी खारिज किया। नेतन्याहू ने बताया कि “7 अक्टूबर के बाद से इस्राइल ने गाज़ा में 92,000 राहत ट्रक भेजे हैं — यानी 18 लाख टन से अधिक सहायता। लेकिन इन सहायता सामग्रियों को हमास ने लूट लिया, अपने पास रखा और बाकी को स्थानीय लोगों को ऊंचे दामों पर बेचा। उसी पैसे से नए आतंकी भर्ती किए गए।”
Last night in Washington something horrific happened.
A brutal terrorist shot in cold blood a young beautiful couple – Yaron Lischinsky and Sara Milgrim. Yaron had just bought an engagement ring for Sarah. He was planning to give it to her in Jerusalem next week. They were… pic.twitter.com/FFdMwlacJ9
— Benjamin Netanyahu – בנימין נתניהו (@netanyahu) May 22, 2025
उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य था कि गाज़ा के निर्दोष नागरिकों तक भोजन पहुंचे, आतंकियों तक नहीं। लेकिन हमास ने इस प्रक्रिया को भी हथियार बना दिया।” इस हमले के बाद वॉशिंगटन और यरुशलम दोनों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अमेरिकी अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है और अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि हमलावर किस संगठन से जुड़ा था।
इस्राइल सरकार ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद की श्रेणी में रखते हुए वैश्विक समुदाय से इसकी कड़ी निंदा करने की अपील की है। इस घटना ने अमेरिका-इस्राइल संबंधों को नई गंभीरता दी है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी उठ सकता है।
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