पश्चिम बंगाल के फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में हुए पुनर्मतदान की मतगणना के शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी बढ़त बना ली है। भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पांडा पहले पांच राउंड की गिनती के बाद 14 हजार से अधिक मतों की बढ़त के साथ आगे चल रहे हैं। कुल 21 राउंड की मतगणना रविवार को जारी है।
पांचवें राउंड के बाद भाजपा प्रत्याशी देबांग्शु पांडा को 30,562 वोट मिले हैं, जबकि कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (Marxist) के उम्मीदवार शंभु नाथ कुर्मी 16,048 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर हैं। वहीं, अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस से जुड़े और अभिषेक बनर्जी के करीबी माने जाने वाले जहांगीर खान चौथे स्थान पर फेंके गए हैं। उन्हें पांच राउंड तक केवल 1,685 वोट मिले हैं।
दिलचस्प बात यह है कि जहांगीर खान ने पुनर्मतदान से ठीक दो दिन पहले खुद को चुनावी मुकाबले से अलग कर लिया था। इसके बावजूद उनका नाम चुनावी प्रक्रिया में बना रहा और मतगणना में उनका प्रदर्शन बेहद कमजोर दिखाई दे रहा है।
फाल्टा सीट को लेकर इस बार विशेष राजनीतिक दिलचस्पी बनी हुई थी क्योंकि यह क्षेत्र वर्ष 2011 से लगातार टीएमसी का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। लेकिन 2026 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान यहां कई मतदान केंद्रों पर कथित चुनावी गड़बड़ियों के आरोप लगे थे। भाजपा ने आरोप लगाया था कि सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं ने बड़े पैमाने पर चुनावी धांधली की कोशिश की।
इन आरोपों के बाद भारत निर्वाचन आयोग ने पहले हुए मतदान को रद्द कर दिया था। आयोग के अनुसार, कई बूथों से मतदाताओं को डराने-धमकाने, ईवीएम से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों और चुनावी प्रक्रिया के उल्लंघन की शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद पुनर्मतदान कराने का फैसला लिया गया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना था कि चुनावी झटके के बाद टीएमसी फाल्टा में अपना संगठनात्मक आधार मजबूत करने के लिए आक्रामक प्रचार करेगी। हालांकि मतदान से पहले पार्टी का शीर्ष नेतृत्व क्षेत्र में लगभग निष्क्रिय दिखाई दिया। न तो मुख्यमंत्री ममता बॅनर्जी ने कोई रैली की और न ही अभिषेक बॅनर्जी ने चुनाव प्रचार में हिस्सा लिया।
यह स्थिति इसलिए भी चर्चा में रही क्योंकि फाल्टा, डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जिसका प्रतिनिधित्व अभिषेक बनर्जी करते हैं और उन्हें पार्टी का दूसरा सबसे प्रभावशाली नेता माना जाता है।
जहांगीर खान पहले भी विवादों में रह चुके हैं। विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने उत्तर प्रदेश से लाए गए आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा को खुली चुनौती दी थी। अजय पाल शर्मा को चुनाव पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किया गया था और उनकी पहचान एनकाउंटर स्पेशलिस्ट अधिकारी की रही है। पश्चिम बंगाल में भी उन्हें सिंघम कहकर संबोधित किया गया।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जहांगीर खान ने खुद की तुलना फिल्म अभिनेता अल्लू अर्जुन के लोकप्रिय किरदार “पुष्पा” से की थी। उन्होंने कहा था, “अगर वह सिंघम हैं, तो मैं पुष्पा हूं।” यह बयान उस समय आया था जब शर्मा ने कथित तौर पर मतदान से पहले खान के घर जाकर उन्हें मतदाताओं को डराने-धमकाने के विरोध में चेतावनी दी थी।
फिलहाल शुरुआती रुझानों ने फाल्टा में राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है। भाजपा की बढ़त को राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण संकेत के तौर पर देखा जा रहा है, खासकर ऐसे क्षेत्र में जिसे लंबे समय से टीएमसी का सुरक्षित गढ़ माना जाता रहा है।
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