कैबिनेट नोट के मुताबिक, खरीफ सीजन 2026 के लिए अनुमानित बजटीय आवश्यकता लगभग 41,533.81 करोड़ रुपए होगी, जो खरीफ सीजन 2025 के बजटीय आवश्यकता से लगभग 4,317 करोड़ रुपए अधिक है। खरीफ सीजन 2025 का बजट 37,216.15 करोड़ रुपए था।
इस मंजूरी से किसानों को रियायती, किफायती और उचित कीमतों पर उर्वरक उपलब्धता सुनिश्चित होगी। साथ ही, उर्वरकों और अन्य सामग्रियों की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में हाल के रुझानों को देखते हुए फॉस्फेट और पोटेशियम उर्वरकों पर दी जाने वाली सब्सिडी तर्कसंगत हो सकेगी।
डीएपी और एनपीकेएस ग्रेड सहित फॉस्फेट और पोटेशियम उर्वरकों पर सब्सिडी खरीफ सीजन 2026 के लिए अनुमोदित दरों के आधार पर प्रदान की जाएगी ताकि किसानों को ये उर्वरक किफायती कीमतों पर आसानी से उपलब्ध हो सकें।
कैबिनेट ने बयान में कहा कि सरकार उर्वरक निर्माताओं/आयातकों के माध्यम से किसानों को रियायती दरों पर डीएपी सहित 28 श्रेणियों के फॉस्फेट और पोटेशियम उर्वरक उपलब्ध करा रही है।
यूरिया, डीएपी, एमओपी और सल्फर जैसे उर्वरकों और अन्य सामग्रियों की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में हालिया रुझानों को देखते हुए सरकार ने खरीफ वर्ष 2026 के लिए फॉस्फेट और पोटेशियम (पी एंड के) उर्वरकों (डीएपी और एनपीकेएस ग्रेड सहित) पर 01 अप्रैल, 2026 से 30 सितंबर, 2026 तक प्रभावी राष्ट्रीय सब्सिडी दरों को मंजूरी देने का निर्णय लिया है।
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