इस बीच भारत ने संयुक्त राष्ट्र से अलग एक और बड़ी कूटनीतिक जीत हासिल की। अमेरिका की जमीन पर आयोजित ब्रिक्स देशों की बैठक में भारत ने अध्यक्षता करते हुए यह संदेश दिया कि ब्रिक्स और विकासशील देश वैश्विक मामलों में अपनी अलग पहचान और ताकत रखते हैं। इस बैठक के बाद जारी ब्रिक्स का संयुक्त बयान बेहद अहम माना जा रहा है।
इस स्टेटमेंट में 20 से अधिक बिंदु शामिल किए गए, जिनमें 14वां बिंदु सबसे महत्वपूर्ण रहा। इसमें 2023 जोहान्सबर्ग-II घोषणा-पत्र का जिक्र करते हुए संयुक्त राष्ट्र और विशेष रूप से उसकी सुरक्षा परिषद में सुधार का समर्थन दोहराया गया। इसमें अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका जैसे विकासशील और उभरते देशों को अधिक प्रतिनिधित्व देने की बात कही गई।
भारत के लिए यह सम्मेलन न केवल वैश्विक मान्यता बढ़ाने वाला रहा, बल्कि संयुक्त राष्ट्र सुधारों की दिशा में बड़ी कूटनीतिक जीत भी साबित हुआ।
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