चुनाव आयोग ने ‘चुनाव का पर्व, पश्चिम बंगाल का गर्व’ के साथ एक्स पर पोस्ट कर कहा, “अंतरराष्ट्रीय चुनाव आगंतुक कार्यक्रम 2026 के तहत आए अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों को पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रक्रिया को देखने के लिए उनके आगमन पर चुनाव प्रक्रियाओं और सुरक्षा उपायों के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी दी गई।”
एक अन्य पोस्ट में कहा गया है, “नामीबिया, जॉर्जिया, नेपाल, फिलीपींस, स्विट्जरलैंड और केन्या के 13 प्रतिनिधि चुनाव प्रक्रिया को देखने के लिए पश्चिम बंगाल पहुंचे हैं। वहीं, भूटान, मिस्र, मॉरीशस, मोल्दोवा, इंडोनेशिया, बेनिन, श्रीलंका, पेरू, घाना और नामीबिया से 19 प्रतिनिधि चुनाव प्रक्रिया को देखने के लिए तमिलनाडु पहुंचे हैं।”
ये सभी प्रतिनिधि 23 अप्रैल की सुबह वास्तविक मतदान प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देखेंगे।
इसके पहले मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने ‘भारत अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र एवं चुनाव प्रबंधन संस्थान’ में अंतरराष्ट्रीय चुनाव प्रतिनिधि कार्यक्रम 2026 का उद्घाटन किया था। इस दौरान प्रतिनिधियों को ईवीएम का प्रदर्शन दिखाया गया। इसके साथ ही मतदान प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अनुभव लेने के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों का उपयोग करके एक ‘मॉक पोल’ (अभ्यास मतदान) में भी शामिल किया गया।
प्रतिनिधियों ने भारत की चुनाव प्रक्रिया में अपनाए गए तकनीकी उपायों और प्रशासनिक सुरक्षा-व्यवस्थाओं में गहरी रुचि दिखाई। प्रतिनिधियों ने विशेषज्ञों के साथ एक संवादात्मक सत्र में हिस्सा लिया, जिसमें उन्होंने अपनी शंकाओं और सवालों को स्पष्ट किया।
अंतरराष्ट्रीय चुनाव पर्यवेक्षकों के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि चुनाव आयोग का एक प्रमुख कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य अन्य देशों के ‘चुनाव प्रबंधन निकायों’ और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग और जुड़ाव को बढ़ावा देना है।
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