फर्जी जाति प्रमाणपत्र लगाने में घिरी ‘नॉट रिचेबल’ पार्षद साहार शेख IPL मैच में नजर आईं

फर्जी जाति प्रमाणपत्र लगाने में घिरी ‘नॉट रिचेबल’ पार्षद साहार शेख IPL मैच में नजर आईं

'Not reachable' councillor Sahar Sheikh, accused of submitting fake caste certificate, spotted at IPL match

फर्जी जाति प्रमाणपत्र के आरोपों में घिरीं AIMIM पार्षद साहार शेख एक बार फिर चर्चा में हैं। हाल के दिनों में ‘संपर्क से बाहर’ बताई जा रही शेख गुरुवार (17 अप्रैल) को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में IPL मैच का आनंद लेते हुए दिखाई दीं। इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी साझा किया, जिससे फर्जी जाति प्रमाणपत्र जाँच को लेकर विवाद और तेज हो गया है।

बताया जा रहा है कि शेख मुंबई इंडियंस और पंजाब किंग्स के बीच खेले गए मैच को देखने पहुंची थीं। वायरल वीडियो में वह मास्क और कैप पहने कैमरे के सामने पोज देती नजर आ रही हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब उनके खिलाफ लगे आरोपों को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर जांच जारी है।

सहार शेख पर आरोप है कि उन्होंने ठाणे नगर निगम चुनाव लड़ने के लिए कथित तौर पर फर्जी जाति प्रमाणपत्र का उपयोग किया। इस मामले ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। शेख का नाम पूर्व में जितेंद्र आव्हाड के करीबी सहयोगी के रूप में भी सामने आता रहा है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस संबंध में शिकायत सिद्दीकी फरहा सबब अहमद द्वारा ठाणे के उप-विभागीय अधिकारी (SDO) के समक्ष दर्ज कराई गई थी, जिसमें शेख के जाति प्रमाणपत्र की वैधता की जांच की मांग की गई। जांच के दौरान कई कथित अनियमितताओं की ओर इशारा किया गया है।

जांच एजेंसियों ने प्रमाणपत्र में क्षेत्राधिकार से जुड़ी विसंगतियों को रेखांकित किया है। आरोप है कि ठाणे निवासी होने के बावजूद शेख ने मुंबई सिटी कलेक्टरेट से प्रमाणपत्र प्राप्त किया। इसके अलावा दस्तावेज में महाराष्ट्र सरकार के हेडर और SDO के हस्ताक्षर के अभाव जैसी प्रक्रियात्मक कमियां भी सामने आई हैं।

दस्तावेजों में विसंगतियां, जांच जारी

जांच में उनके पिता यूनुस शेख के दस्तावेजों में भी असंगतियां पाई गई हैं। साथ ही यह भी दावा किया गया है कि आवेदन प्रक्रिया में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से जारी एक जाति प्रमाणपत्र का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। अधिकारियों ने ‘विस्थापन कानून, 2000’ के तहत आवश्यक ‘Sample 10’ दस्तावेज की अनुपस्थिति को भी गंभीर मुद्दा बताया है।

मामले की सुनवाई के दौरान 18 मार्च को यूनुस शेख स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर उपस्थित नहीं हुए, हालांकि उनके वकीलों ने दस्तावेज जमा किए। 23 मार्च को अगली सुनवाई हुई और अब अंतिम फैसला जांच रिपोर्ट पर निर्भर करेगा।

यदि आरोप साबित होते हैं, तो साहार शेख को पार्षद पद से अयोग्य घोषित किया जा सकता है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी संभव है। फिलहाल उन्होंने इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है और वह संपर्क से बाहर है।

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