खतरे में हैं 75 प्रतिशत से ज्यादा रीफ, ईएसए ने स्पेस से दिखाई खूबसूरत ‘कोरल रीफ’ की झलक

खतरे में हैं 75 प्रतिशत से ज्यादा रीफ, ईएसए ने स्पेस से दिखाई खूबसूरत ‘कोरल रीफ’ की झलक

More than 75 percent of reefs are endangered; ESA shows a glimpse of beautiful coral reefs from space.

समुद्री जीवन के रक्षक और आधार कोरल रिफ्स इकोसिस्टम के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इनके महत्व को रेखांकित करने के लिए हर साल (1 जून को) विश्व कोरल रीफ दिवस भी मनाया जाता है। यूरोपीय स्पेस एजेंसी (ईएसए) और इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के एस्ट्रोनॉट्स ने स्पेस से ली खास तस्वीरें शेयर की हैं।

इसके साथ ही पृथ्वी की कक्षा से ली गई कोरल रीफ की आश्चर्यजनक तस्वीरों के जरिए उन्होंने इन नाजुक इकोसिस्टम को बचाने की अपील भी की है। कोरल रीफ समुद्र की सबसे खूबसूरत और महत्वपूर्ण रचनाओं में से एक हैं। ऊपर से देखने पर ये फिरोजी, नीले और हरे रंगों में चमकते नजर आते हैं।

एस्ट्रोनॉट्स ने बताया कि ये रीफ न सिर्फ बेहद सुंदर हैं बल्कि पर्यावरण के लिए बेहद महत्वपूर्ण भी हैं। ये समुद्र तटों को तेज लहरों और कटाव से बचाते हैं, हजारों समुद्री प्रजातियों को आश्रय और भोजन देते हैं। सदियों में परत दर परत बनने वाले ये रीफ पूरे इकोसिस्टम का आधार होते हैं। लेकिन चिंता की बात यह है कि इनमें से 75 प्रतिशत से ज्यादा रीफ पहले ही खतरे में हैं। मानवीय गतिविधियां, प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और समुद्र के बढ़ते तापमान के कारण ये तेजी से नष्ट हो रहे हैं।

ईएस ने 9 कोरल रीफ सिस्टम की तस्वीरें साझा की हैं। इनमें शामिल हैं- फ्रेंच पोलिनेशिया का टुपाई और मौपिटी, ऑस्ट्रेलिया का ग्रेट बैरियर रीफ, मॉरिशस का सेंट-ब्रैंडन, बेलीज रीफ, किरिबाती का तरावा, टोंगा का टोंगाटापु, मालदीव का एरी एटोल और फिजी का विटी लेवु। ये तस्वीरें स्पेस से देखने पर और भी आकर्षक लगती हैं।

एस्ट्रोनॉट सोफी ने बताया कि स्पेस से साफ दिखता है कि समुद्री और तटीय जीवन के लिए ये इकोसिस्टम कितने जरूरी हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर हमें जीवन को फलते-फूलते रखना है तो पृथ्वी के सभी इकोसिस्टम को बचाना होगा।

इसके लिए छोटे-छोटे कदम जैसे प्लास्टिक का कम उपयोग, समुद्री प्रदूषण रोकना और जलवायु परिवर्तन से निपटने के प्रयास इन रंगीन रीफ्स को बचाने में मदद कर सकते हैं। कोरल रीफ न सिर्फ समुद्री जीवन का आधार हैं बल्कि लाखों लोगों की आजीविका भी हैं जो मछली पकड़ने और पर्यटन से जुड़े हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय रहते इन्हें बचाने के ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियां इनकी सुंदरता कभी नहीं देख पाएंगे।

यह भी पढ़ें:

भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में ‘सेक्शन 301’ अटकाव का सबसे बड़ा मुद्दा

पाकिस्तानी आतंकी नेटवर्क से जुड़ा 22 वर्षीय मुहम्मद शेख गिरफ्तार, भाजपा नेताओं की रेकी का मिला था जिम्मा

पाकिस्तान में बाजार रात 8 बजे होंगे बंद, ऊर्जा संकट के कारण लगाए गए प्रतिबंध

Exit mobile version