अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। विश्वविद्यालय के दो मुस्लिम छात्रों, शहबाज और नजीब को एक हिंदू डॉक्टर के साथ बदसलूकी करने, उन्हें जान से मारने की धमकी देने और परिसर को ‘मिनी पाकिस्तान’ बताने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
यह घटना 14 अप्रैल की है, जब अमरोहा के गजरौला (नगलिया मेव) निवासी डॉ. कुलवंत सिंह एएमयू परिसर में अपनी एक महिला मित्र से मिलने आए थे। मुलाकात के बाद जब वह ई-रिक्शा से वापस लौट रहे थे, तभी कैंपस के पास मुस्लिम युवकों के एक समूह ने उन्हें रोक लिया।
डॉ. कुलवंत द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, शुरुआत में चार युवकों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। देखते ही देखते वहां करीब 30 लोगों की भीड़ जमा हो गई और उन्हें चारों ओर से घेर लिया गया। भीड़ ने उनके साथ गाली-गलौज की और सांप्रदायिक टिप्पणी करते हुए कहा कि AMU एक मिनी पाकिस्तान है। डॉक्टर को डराते हुए आरोपियों ने कहा, “तुझे यहीं काट कर गाड़ देंगे और तेरे परिवार को पता भी नहीं चलेगा। यहाँ एक ही समुदाय का दबदबा चलता है।”
धमकाने के दौरान आरोपी युवक इस पूरी घटना का वीडियो भी बना रहे थे। भीड़ के बीच फंसे डॉक्टर ने खुद को असुरक्षित पाकर तुरंत आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर ‘112’ पर कॉल कर पुलिस से मदद मांगी।
पुलिस के पहुंचने से पहले AMU की प्रॉक्टोरियल टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षा की दृष्टि से डॉक्टर को प्रॉक्टर कार्यालय ले गई। कुछ देर बाद पुलिस टीम भी वहां पहुंच गई और शुरुआती विवरण जुटाने के बाद डॉ. कुलवंत को सुरक्षित कैंपस से बाहर निकाला गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले। फुटेज और प्रॉक्टोरियल टीम के समन्वय से दो मुख्य आरोपियों की पहचान हुई, गाजीपुर के निवासी और एम.टेक द्वितीय वर्ष का छात्र शहबाज और बरेली निवासी बी.टेक का छात्र नजीब।
दोनों आरोपियों को रविवार (19 अप्रैल) की शाम सुलेमान हॉल से हिरासत में लिया गया और पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया।
अलीगढ़ के एसपी सिटी आदित्य बंसल ने गिरफ्तारियों की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपियों की पहचान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की गई है। उन्होंने कहा, “शिकायतकर्ता के अनुसार, छात्रों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और उकसाने वाली सांप्रदायिक टिप्पणियां कीं। उचित सत्यापन के बाद दो छात्रों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की तलाश के लिए आगे की जांच जारी है।”
विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी मामले का संज्ञान लिया है। AMU प्रॉक्टर प्रोफेसर मोहम्मद नावेद खान ने कहा कि छात्रों के जमानत पर बाहर आने के बाद उनसे औपचारिक स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और उसी के आधार पर भविष्य की अनुशासनात्मक कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल, पुलिस इस घटना के पीछे के अन्य लोगों और उकसावे के कारणों की गहनता से जांच कर रही है।
यह भी पढ़ें:
सूरत में ₹1 करोड़ का हवाला नेटवर्क बेनकाब, AAP नेताओं से जुड़े होने का दावा
दिल्ली हाईकोर्ट में केजरीवाल को झटका, जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा करेंगी मामले की सुनवाई
मल्लिकार्जुन खड़गे की फिर फिसली जुबान; प्रधानमंत्री मोदी को कहा ‘आतंकवादी’



