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इंडोनेशिया में चीनी जासूसी उपकरण का भांडाफोड़; चीन की गतिविधियों का पर्दाफ़ाश 

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इंडोनेशिया की समुद्री सीमा में बाली और लोंबोक के बीच स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जलडमरूमध्य के पास एक चीनी जासूसी उपकरण मिलने का मामला सामने आया है। टॉरपीडो जैसा दिखने वाले इस उपकरण को विशेषज्ञों ने पानी के नीचे निगरानी करने वाली प्रणाली बताया है। साथ ही पानी में मिला मानवरहित पनडुब्बी वाहन (UUV) भी एक चीनी समुद्री निगरानी प्रणाली होने की बात इंडोनेशियाई रक्षा विश्लेषकों ने कही है। हालांकि, बीजिंग ने इन चिंताओं को खारिज करते हुए कहा है कि इसका गलत अर्थ निकालने या इस पर संदेह करने की आवश्यकता नहीं है।

इंडोनेशिया की सरकारी समाचार एजेंसी ‘अंतारा’ के अनुसार, पिछले सप्ताह लोंबोक जलडमरूमध्य में गिली ट्रावांगन द्वीप के उत्तर में एक मछुआरे को लगभग 3.7 मीटर लंबा यह उपकरण मिला। समुद्री रक्षा विश्लेषक एच. आई. सटन ने इस उपकरण की पहचान चीन के 710 रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा विकसित “डीप-सी रियल-टाइम ट्रांसमिशन मूरिंग सिस्टम” के रूप में की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 710 रिसर्च इंस्टीट्यूट चीन की सरकारी कंपनी चाइना शिपबिल्डिंग इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन (CSIC) का हिस्सा था, जिसका बाद में चाइना स्टेट शिपबिल्डिंग कॉर्पोरेशन (CSSC) में विलय हो गया। सटन ने बताया कि यह संस्था पानी के भीतर हमले और रक्षा से जुड़ी तकनीकों पर काम करती है और इस क्षेत्र में ऐसे उपकरण की मौजूदगी चिंता का विषय है। इससे संकेत मिलता है कि चीन के पास रणनीतिक समुद्री मार्गों में पानी के नीचे की स्थिति की रियल-टाइम जानकारी देने वाले सेंसरों का नेटवर्क हो सकता है, जो उसकी पनडुब्बी गतिविधियों में मदद करता है।

यह प्रणाली समुद्र के तल पर लंगर से जुड़कर काम करने के लिए बनाई गई है और सतह पर तैनात संचार बॉय के जरिए डेटा भेजती है। उन्होंने बताया कि इस उपकरण में लगे सेंसर तापमान, गहराई, समुद्री धारा, ध्वनि और लक्ष्य संबंधी जानकारी पर नजर रखते हैं। इस पर CSIC का नाम और कंपनी का लोगो भी मौजूद था। जानकारी के मुताबिक, इस तरह की मूरिंग प्रणाली केवल चीन तक सीमित नहीं है, बल्कि अमेरिका, जापान और भारत जैसे अन्य देश भी इसका उपयोग करते हैं।

समुद्र के तापमान और लवणता से जुड़ी जानकारी मिलने से चीन अपनी पनडुब्बियों को सोनार की पकड़ से बचा सकता है। इससे चीनी पनडुब्बियां बिना किसी की नजर में आए हिंद महासागर में प्रवेश कर सकती हैं। यह उपकरण समुद्र तल का नक्शा तैयार करने में भी मदद करता है, जो युद्ध की स्थिति में बारूदी सुरंग बिछाने या पनडुब्बियों को सुरक्षित स्थानों पर तैनात करने के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

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