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Thursday, May 21, 2026
होमन्यूज़ अपडेटरोहिणी कोर्ट में जज और वकीलों के बीच तीखा विवाद, वीडियो वायरल

रोहिणी कोर्ट में जज और वकीलों के बीच तीखा विवाद, वीडियो वायरल

सुनवाई के दौरान बढ़ा विवाद, बार एसोसिएशनों ने जज के व्यवहार पर उठाए सवाल

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दिल्ली की रोहिणी कोर्ट से सामने आया एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें अदालत के भीतर एक जज और वकीलों के बीच तीखी विवाद होता दिखाई दे रही है। इस घटना ने अदालतों में पेशेवर मर्यादा, न्यायिक अनुशासन और बार-बेंच संबंधों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

दरअसल रोहिणी कोर्ट में एक सुनवाई के दौरान हुई, जहां एक अतिरिक्त जिला न्यायाधीश और बार एसोसिएशन के कुछ वकीलों के बीच विवाद बढ़ गया। वायरल वीडियो में कई वकील कोर्ट रूम के भीतर मौजूद दिखाई दे रहे हैं और माहौल लगातार तनावपूर्ण होता नजर आता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बहस के दौरान दोनों पक्षों की ओर से तीखी टिप्पणियां की गईं। इसी दौरान एक वकील ने कथित तौर पर जज को नशेड़ी कह दिया, जिसके बाद स्थिति और अधिक गरमा गई। कोर्ट स्टाफ को बीच-बचाव करना पड़ा और उन्होंने हस्तक्षेप कर विवाद को आगे बढ़ने से रोका।

घटना का वीडियो सामने आने के बाद दिल्ली की सभी जिला अदालत बार एसोसिएशनों की समन्वय समिति (Coordination Committee of all District Court Bar Associations) ने इस मामले पर बयान जारी किया। समिति ने रोहिणी कोर्ट के नॉर्थ-वेस्ट डिस्ट्रिक्ट में तैनात DJ-04 राकेश कुमार वी  के कथित व्यवहार की आलोचना की।

समिति ने अपने बयान में कहा कि अदालत की कार्यवाही के दौरान हुआ व्यवहार अत्यधिक आपत्तिजनक था। समिति के अनुसार, जिस अधिवक्ता के साथ कथित तौर पर यह व्यवहार हुआ, वह रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं, इसलिए मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

बार एसोसिएशनों की समिति ने संबंधित न्यायिक अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से अपील की गई है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

मामला अब सोशल मीडिया और कानूनी समुदाय के बीच व्यापक चर्चा का विषय बन गया है। कई लोगों का कहना है कि अदालत जैसी संवेदनशील जगह पर इस तरह की सार्वजनिक बहस न्यायपालिका की गरिमा को प्रभावित कर सकती है। वहीं कुछ लोगों ने अदालतों में बढ़ते तनाव और कार्यभार को भी ऐसे टकरावों की एक वजह बताया है।

फिलहाल इस मामले में अदालत की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, वायरल वीडियो के बाद न्यायिक व्यवस्था के भीतर अनुशासन और संवाद की मर्यादा को लेकर सवाल तेज हो गए हैं।

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