पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान के दौरान बुधवार(29 अप्रैल) को कई जगहों से हिंसा और तनाव की खबरें सामने आ रहीं है। दूसरे चरण में 142 सीटों पर सुबह 7 बजे से सुबह 11 बजे तक करीब 39.97 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। इस चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी के बीच है।
राज्य के विभिन्न हिस्सों में मतदान शुरू होते ही लंबी कतारें देखने को मिलीं, जिससे उच्च मतदान की उम्मीद जताई गई। इससे पहले 23 अप्रैल को हुए पहले चरण में रिकॉर्ड 93.17 प्रतिशत मतदान हुआ था।
हालांकि, मतदान प्रक्रिया के बीच कई स्थानों से हिंसा, तोड़फोड़ और गुंडार्गर्दी की घटनाएं सामने आयी है। नदिया जिले में एक भाजपा पोलिंग एजेंट पर हमला किए जाने की घटना सामने आयी है। भाजपा नेताओं के मुताबिक, TMC से जुड़े गुंडे ने भाजपा पोलिंग एजेंट को रॉड से पीटा गया, जिसमें एक व्यक्ति के हथियार के साथ हमला करने की कोशिश करने का दावा किया गया।
इसी जिले में भाजपा के कैंप कार्यालय की तोड़फोड़ की गई है, जिससे इलाके में तनाव फैला हुआ है। वहीं, दक्षिण 24 परगना में ISF के एक एजेंट को मतदान केंद्र में प्रवेश से रोके जाने का आरोप लगा, जिसके बाद वहां भी हंगामे की स्थिति बन गई।
हावड़ा के बाली विधानसभा क्षेत्र में EVM मशीन में खराबी के कारण मतदान कुछ समय के लिए बाधित हो गया। इससे नाराज मतदाताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। बाद में केंद्रीय बलों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया और दो लोगों को हिरासत में लिया गया, जिसके बाद मतदान फिर से शुरू हुआ।
दक्षिण बंगाल का यह चरण राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह क्षेत्र पिछले 15 वर्षों से TMC का मजबूत गढ़ रहा है। भाजपा यहां अपनी पकड़ मजबूत कर चुकी है, जिससे तृणमूल को झटका लगा है। इस क्षेत्र में कोलकाता, हावड़ा, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, नदिया, हुगली और पूर्व बर्धमान जैसे जिले शामिल हैं।
इस चरण में कई हाई-प्रोफाइल सीटों पर भी मुकाबला देखने को मिल रहा है। भवानीपुर सीट पर मुख्यमंत्री ममता बॅनर्जी और भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के बीच सीधा मुकाबला है, जिसे चुनाव का सबसे बड़ा मुकाबला माना जा रहा है।
इसके अलावा, विभिन्न सीटों पर भी कड़े मुकाबले हो रहे हैं, जिनमें टॉलीगंज, बिधाननगर, पानीहाटी और कोलकाता पोर्ट प्रमुख हैं। भाजपा के लिए यह चरण राज्य में सत्ता में आने की संभावना को परखने का मौका है, जबकि TMC के लिए दक्षिण बंगाल में अपनी पकड़ बनाए रखना चौथी बार सरकार बनाने की कोशिश में महत्वपूर्ण माना जाता है।
मतदान प्रक्रिया शाम तक पूरी हो जाएगी, जबकि चुनाव के अंतिम नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
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