भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को आईटी सेक्टर के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली। Infosys, Tata Consultancy Services, Coforge और Persistent Systems जैसी बड़ी कंपनियों के शेयरों में 3 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक आर्थिक सुस्ती की आशंका, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और घरेलू बाजार की कमजोरी को इस गिरावट की बड़ी वजह माना जा रहा है।
कारोबार के शुरुआती घंटों में निफ्टी IT इंडेक्स 2.86 प्रतिशत टूटकर 28,490.60 पर पहुंच गया, जिससे यह दलाल स्ट्रीट के सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले सेक्टोरल इंडेक्स में शामिल हो गया।
सबसे ज्यादा गिरावट INFY में देखी गई, जिसका शेयर 3.24 प्रतिशत टूटकर 1,138.90 रुपये पर आ गया। वहीं TCS 2.76 प्रतिशत गिरकर 2,326.80 रुपये पर पहुंच गया। Coforge में 3.23 प्रतिशत, Persistent Systems में 3.12 प्रतिशत और Mphasis में 3.06 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
इसके अलावा Tech Mahindra के शेयर 2.81 प्रतिशत, LTIMindtree 2.80 प्रतिशत, HCLTech 1.98 प्रतिशत और Wipro 1.67 प्रतिशत नीचे कारोबार करते दिखे।
विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों में आर्थिक अनिश्चितता बढ़ने से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। भारतीय आईटी कंपनियों की आय का बड़ा हिस्सा विदेशी ग्राहकों, खासकर बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और टेक्नोलॉजी सेक्टर से आता है। ऐसे में विकसित अर्थव्यवस्थाओं में खर्च घटने की आशंका सीधे भारतीय आईटी कंपनियों पर असर डालती है।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान संघर्षविराम को लेकर बनी अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की भावना को बढ़ाया है। इसी वजह से निवेशकों ने आईटी शेयरों में बिकवाली तेज कर दी।
मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार भी दबाव में नजर आया। प्रमुख सूचकांक कमजोर शुरुआत के साथ खुले, जबकि भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरकर 95.58 के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया।
हालांकि आमतौर पर कमजोर रुपया निर्यात आधारित आईटी कंपनियों के लिए सकारात्मक माना जाता है क्योंकि डॉलर में होने वाली कमाई का मूल्य बढ़ जाता है, लेकिन फिलहाल बाजार की चिंता वैश्विक मांग में संभावित कमी और टेक्नोलॉजी खर्च में कटौती को लेकर ज्यादा है।
पिछले कुछ हफ्तों से आईटी शेयर लगातार दबाव में बने हुए हैं। निफ्टी आईटी इंडेक्स बीते 30 दिनों में 8 प्रतिशत से ज्यादा टूट चुका है। कई बड़ी कंपनियों के शेयर अपने 52 सप्ताह के निचले स्तर के करीब पहुंच गए हैं। Infosys ने मंगलवार को 1,137.10 रुपये का इंट्राडे लो बनाया, जबकि TCS का शेयर 2,325.30 रुपये तक फिसल गया।
अब बाजार की नजर कच्चे तेल की कीमतों, पश्चिम एशिया के घटनाक्रम, अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और विदेशी संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों पर बनी हुई है। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में आईटी सेक्टर में उतार-चढ़ाव और बढ़ सकता है क्योंकि निवेशक वैश्विक आर्थिक जोखिमों के असर का आकलन कर रहे हैं।
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