रिहायशी इलाकों में खुले में पशु वध का विरोध

बकरीद से पहले नियमों के सख्त पालन की किरीट सोमैया की मांग

रिहायशी इलाकों में खुले में पशु वध का विरोध

Protest against open slaughter of animals in residential areas

भाजपा नेता किरीट सोमैया ने मुंबई की महापौर और पुलिस प्रशासन से इस महीने के अंत में मनाए जाने वाले बकरीद के दौरान रिहायशी इलाकों में खुले में बकरों की कुर्बानी रोकने की अपील की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में किरीट सोमैया ने कहा, “बकरीद के अवसर पर आवासीय परिसरों, हाउसिंग सोसायटियों और चॉलों में बकरों की कुर्बानी नहीं की जा सकती। मैंने मुंबई की महापौर, बीएमसी और पुलिस आयुक्त से इस संबंध में अनुरोध किया है। हम धार्मिक अनुष्ठान के नाम पर खुले में पशु वध की अनुमति नहीं देंगे।”

किरीट सोमैया ने मुंबई की महापौर रितु तावडे को पत्र लिखकर शहर में पशु वध से संबंधित मौजूदा नियमों के सख्त पालन की मांग की है। अपने पत्र में उन्होंने आरोप लगाया कि अदालतों और नगर निगम द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बावजूद कुछ लोग बकरीद और अन्य अवसरों पर अवैध रूप से खुले में बकरों की कुर्बानी करते हैं।

पत्र में उन्होंने लिखा, “बकरीद और अन्य अवसरों के नाम पर कुछ असामाजिक तत्व मुस्लिम धर्म का उपयोग करते हुए अवैध रूप से खुले में बकरों की कुर्बानी करते हैं।” उन्होंने कहा कि महानगरपालिका और न्यायालयों ने इस विषय पर स्पष्ट नियम बनाए हैं, लेकिन उनका बार-बार उल्लंघन किया जाता है।

सोमैया ने मांग की कि बीएमसी इस संबंध में सभी वार्ड कार्यालयों और संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी करे। उन्होंने कहा कि लागू वध कानूनों के अनुसार मुंबई के किसी भी रिहायशी क्षेत्र में धार्मिक पशु बलि की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने महापौर से आग्रह किया कि बकरीद से पहले कुर्बानी संबंधी कानूनों के सख्त पालन के लिए नए निर्देश जारी किए जाएं।

यह मांग ऐसे समय में की गई है जब चांद दिखने के आधार पर वर्ष 2026 की ईद अल अधा 27 मई को मनाए जाने की संभावना है।

इस महीने की शुरुआत में बृहन्मुंबई नगर निगम ने बकरीद के मद्देनज़र देवनार बूचड़खाना में व्यापक सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी की जानकारी दी थी। अतिरिक्त नगर आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी के अनुसार, इन व्यवस्थाओं में सीसीटीवी निगरानी, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, पार्किंग सुविधा, फूड कोर्ट, स्वास्थ्य सेवाएं, ठोस कचरा प्रबंधन और शिकायत निवारण प्रणाली शामिल हैं।

देवनार कत्लखाने में 17 मई से 30 मई 2026 तक भैंसों और बकरों का बाजार आयोजित किया जा रहा है।

डॉ. जोशी ने बताया कि बीएमसी के बाजार विभाग ने 28 से 30 मई के बीच मुंबई के 109 स्थानों पर धार्मिक पशु वध की अनुमति दी है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के तहत 24×7 नियंत्रण कक्ष, क्यूआर-कोड आधारित पशु सत्यापन प्रणाली, अस्थायी आश्रय केंद्र, पशु चिकित्सा सुविधाएं और 500 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी।

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